Tuesday, July 30, 2024

देशभक्ति गीत

                 

               देशभक्ति गीत

1)     फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी

हम लोगों को समझ सको तो समझो दिलबर जानी

जितना भी तुम समझोगे उतनी होगी हैरानी

अपनी छतरी तुमको दे दें कभी जो बरसे पानी

कभी नए पैकेट में बेचें तुमको चीज़ पुरानी

फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी

नींद उड़ रही है …


थोड़े अनाड़ी हैं थोड़े खिलाड़ी

रुक रुक के चलती है अपनी गाड़ी

हमें प्यार चाहिए और कुछ पैसे भी

हम ऐसे भी हैं हम हैं वैसे भी

हम लोगों को समझ सको तो समझो दिलबर जानी

उल्टी सीधी जैसी भी है अपनी यही कहानी

थोड़ी हममें होशियारी है थोड़ी है नादानी

थोड़ी हममें सच्चाई है थोड़ी बेईमानी

फिर भी दिल है …


आँखों में कुछ आँसू हैं कुछ सपने हैं

आँसू और सपने दोनों ही अपने हैं

दिल दुखा है लेकिन टूटा तो नहीं है

उम्मीद का दामन छूटा तो नहीं है

हम लोगों को समझ सको तो समझो दिलबर जानी

थोड़ी मजबूरी है लेकिन थोड़ी है मनमानी

थोड़ी तू तू मैं मैं है और थोड़ी खींचातानी

हममें काफ़ी बातें हैं जो लगती हैं दीवानी

फिर भी दिल है ..

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       मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन


मेरा मुल्क, मेरा देश, मेरा ये वतन

मेरा मुल्क, मेरा देश, मेरा ये वतन

शांति का उन्नति का प्यार का चमन

इसके वास्ते निसार है मेरा तन, मेरा मन

ऐ वतन, ऐ वतन, ऐ वतन

जानेमन जानेमन जानेमन

मेरा मुल्क मेरा देश…


इसकी मिट्टी से बने, तेरे मेरे ये बदन

इसकी धरती तेरे-मेरे वास्ते गगन

इसने ही सिखाया हमको जीने का चलन

इसके वास्ते निसार है…


अपने इस चमन को स्वर्ग हम बनायेंगे

कोना-कोना अपने देश का सजायेंगे

जश्न होगा ज़िन्दगी का होंगे सब मगन

इसके वास्ते निसार है…


मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन

शांति का उन्नति का प्यार का चमन

इसके वास्ते निसार है मेरा तन, मेरा मन

ऐ वतन ऐ वतन ऐ वतन

जानेमन जानेमन जानेमन


कल के सारे वादे आज टूटने लगे

हाथ में जो हाथ थे, वो छूटने लगे

काश लौट आये पहले जैसा अपनापन

ऐ वतन…


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     3)   मेरे देश की धरती सोना उगले


मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती

मेरे देश की धरती …


बैलों के गले में जब घुंघरू जीवन का राग सुनाते हैं

ग़म कोस दूर हो जाता है खुशियों के कंवल मुस्काते हैं

सुनके रहट की आवाज़ें यूँ लगे कहीं शहनाई बजे

आते ही मस्त बहारों के दुल्हन की तरह हर खेत सजे,

मेरे देश …


जब चलते हैं इस धरती पे हल ममता अंगड़ाइयाँ लेती है

क्यूँ ना पूजे इस माटी को जो जीवन का सुख देती है

इस धरती पे जिसने जनम लिया, उसने ही पाया प्यार तेरा

यहाँ अपना पराया कोई नहीं, है सब पे है माँ उपकार तेरा,

मेरे देश …


ये बाग़ है गौतम नानक का खिलते हैं चमन के फूल यहाँ

गांधी, सुभाष, टैगोर, तिलक, ऐसे हैं अमन के फूल यहाँ

रंग हरा हरी सिंह नलवे से रंग लाल है लाल बहादुर से

रंग बना बसंती भगत सिंह रंग अमन का वीर जवाहर से,

मेरे देश …

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         4)  धरती सुनहरी अंबर नीला  


ओ.. अंबर हेठाँ धरती वसदी एथे हर रुत हँसदी हो

किन्ना सोणा देस है मेरा देस है मेरा, देस है मेरा

किन्ना सोणा देस है मेरा देस है मेरा, देस है मेरा देस है मेरा


धरती सुनहरी अंबर नीला हो.. धरती सुनहरी अंबर नीला हर मौसम रंगीला

ऐसा देस है मेरा हो.. ऐसा देस है मेरा ऐसा देस है मेरा हाँ.. ऐसा देस है मेरा

बोले पपीहा कोयल गाये.. बोले पपीहा कोयल गाये सावन घिर के आये

ऐसा देस है मेरा हो.. ऐसा देस है मेरा ऐसा देस है मेरा हाँ.. ऐसा देस है मेरा


कोठे ते काग बोले ओये चिट्ठी मेरे माहिए दी

विच मेरा वि नाम बोले ओये चिट्ठी मेरे माहिए दी


गेंहू के खेतों में कंघी जो करे हवाएं

रंग-बिरंगी कितनी चुनरियाँ उड़-उड़ जाएं

पनघट पर पनहारन जब गगरी भरने आये

मधुर-मधुर तानों में कहीं बंसी कोई बजाए,

लो सुन लो क़दम-क़दम पे है मिल जानी..

क़दम-क़दम पे है मिल जानी कोई प्रेम कहानी

ऐसा देस है मेरा हो.. ऐसा देस है मेरा ऐसा

देस है मेरा हाँ.. ऐसा देस है मेरा


ओ..मेरी जुगनी दे धागे बांधे

जुगनी ओस दे मूंह तो फब्बेय

जीनु साड इश्क दी लग्गे ओये सानेरया दा लेंदी है

वीर मेरेया जुगनी कहंदी है ओ नाम सही पा लेंदी है

ओ दिल कड़ लिता ई जींद मेरिये


बाप के कंधे चढ़ के जहाँ बच्चे देखे मेले

मेलों में नट के तमाशे, कुल्फ़ी के चाट के ठेले

कहीं मिलती मीठी गोली, कहीं चूरन की है पुड़िया

भोले-भोले बच्चे हैं, जैसे गुड्डे और गुड़िया

और इनको रोज़ सुनाये दादी नानी हो..

रोज़ सुनाये दादी नानी इक परियों की कहानी

ऐसा देस है मेरा हो.. ऐसा देस है मेरा ऐसा देस है मेरा

हाँ.. ऐसा देस है मेरा


सदके सदके जांदी है मुटियारे नि

कंदा चुभा फिर पैर बांकी नारे नि ओये

नि अडिये कंदा चुभा फिर पैर बांकी नारे नि

कौन कड़े तेरा कन्दरा मुटियारे नि

कौन सहे तेरी पीड बांकिये नारे नि ओये

नि अडिये कौन सहे तेरी पीड बांकिये नारे नि हो..


मेरे देस में मेहमानों को भगवान कहा जाता है

वो यहीं का हो जाता है, जो कहीं से भी आता है

आ.. तेरे देस को मैंने देखा, तेरे देस को मैंने जाना आ..

तेरे देस को मैंने देखा, तेरे देस को मैंने जाना

जाने क्यूँ ये लगता है, मुझको जाना पहचाना

यहाँ भी वही शाम है, वही सवेरा ओ.. वही शाम है, वही सवेरा

ऐसा ही देश है मेरा जैसा देश है तेरा वैसा देश है तेरा

हाँ.. जैसा देश है तेरा ऐसा देश है मेरा

हो.. जैसा देश है तेरा ऐसा देश है मेरा

हाँ.. जैसा देश है तेरा ऐसा देश है मेरा हाँ.. वैसा देश है तेरा



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   5)   देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

यहाँ हर कदम कदम पे धरती बदले रंग

यहाँ की बोली मे रंगोली सात रंग

यहाँ हर कदम कदम पे धरती बदले रंग

यहाँ की बोली मे रंगोली सात रंग


धानी पगड़ी पहने मौसम है

नीली चादर ताने अम्बर है

नदी सुनहरी हरा समुन्दर है रे सजीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..


वंदेमातरम.. वंदेमातरम.. वंदेमातरम.. वंदेमातरम..


सिन्दूरी गालो वाला सूरज जो करे ठिठोली

शर्मीले खेतो को ढंक ले चुनर पीली पीली

घूंघट मे रंग पनघट मे रंग चम् चम् चमकीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..

हो.. हो.. हो.. हो..


अबीर गुलाल से चेहरे है यहां मस्तानो की टोली

रंग हसी मे रंग ख़ुशी मे रिश्ते जैसे होली

बातो मे रंग यादो मे रंग रंग रंग रंगीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..


इश्क का रंग यहां पर गहरा चढ़ के कभी न उतरे

सच्चे प्यार का ठहरा सा रंग छलके पर न बिखरे

रंग अदा मे रंग हया मे है

रसीला देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला.

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यहाँ हर कदम कदम पे धरती बदले रंग

यहाँ की बोली मे रंगोली सात रंग

धानी पगड़ी पहने मौसम हैं

नीली चादर ताने अम्बर हैं

नदी सुनहरी हरा समुन्दर है रे सजीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..


हो.. रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला

देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला देस रंगीला रंगीला देस मेरा रंगीला..

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Tuesday, July 9, 2024

या भारतात बंधु - भाव नित्य वसू दे


या भारतात बंधु - भाव नित्य वसू दे


या भारतात बंधु-भाव नित्य वसू दे ।

दे वरचि असा दे ।।

हे सर्व पंथ - संप्रदाय एक दिसू दे ।

मतभेद नसू दे ।।धृ0।।

नांदोत सुखे गरिब-अमिर एकमतानी ।

मग हिंदू असो, ख्रिश्‍चन वा हो इस्लामी ।

स्वातंत्र्य सुखा या सकलांमाजि वसू दे ।

दे वरचि असा दे ।।१।।

सकळांस कळो, मानवता, राष्ट्रभावना ।

हो सर्वस्थळी मिळूनि, समुदाय-प्रार्थना ।

उद्योगि तरुण वीर, शीलवान दिसू दे ।

दे वरचि असा दे ।।२।।

हा जातिभाव विसरुनिया एक हो अम्ही ।

अस्पृश्यता समूळ नष्ट हो जगातूनी ।

खळ-निंदका-मनीही, सत्य न्याय वसू दे ।

दे वरचि असा दे ।।३।।

सौंदर्य रमो घरघरांत स्वर्गियापरी ।

ही नष्ट होऊ दे विपत्ति, भीती बोहरी ।

तुकड्यास सदा सर्वदा सेवेत कसूदे ।

दे वरचि असा दे ।।४।।

देशभक्ति गीत

                                 देशभक्ति गीत 1)     फिर भी दिल है हिन्दुस्तानी हम लोगों को समझ सको तो समझो दिलबर जानी जितना भी तुम समझोगे उ...

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